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मानक एवं मानकीकरण(Standard and Standardization)

मानक(Standard):-

    किसी भी पदार्थ को मापने के लिए एक ऐसा नियत माप जिसका उपयोग उस पदार्थ को मापने के लिए किया जाता है, उस पदार्थ का मानक कहलाता है जैसे लंबाई को मापने के लिए 1 मीटर नियत माप है जिसका उपयोग हम लंबाई को मापने के लिए करते हैं, इसी प्रकार समय को मापने के लिए 1 सेकण्ड नियत माप है। अतः लम्बाई का मानक 1 मीटर है तथा समय का मानक 1 सेकंड है।(M.K.S. पद्धति में)

ऐसा निश्चित नियम/माप/गुणवत्ता, जिसे किसी वस्तु या सेवा को बनाने, जाँचने या उपयोग करने के लिए आधार माना जाता है।

1 मीटर = 100 सेंटीमीटर (लंबाई का मानक)

मानकीकरण(Standardization):- मानकीकरण वस्तुओं के उत्पादन या निर्माण के संबंध में मानक निर्धारित करती है जिससे कि उत्पाद की शुद्धता अथवा श्रेष्ठता का पता चलता है। यह एक प्रकार से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करती है। न्यूनतम मानक बनाए रखने के लिए सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो(BIS) की स्थापना की है। 

अथवा 

किसी वस्तु, प्रक्रिया या सेवा को एक तय मानक के अनुसार बनाने/लागू करने की प्रक्रिया को मानकीकरण कहते हैं।
सरल शब्द:
    जब हम किसी चीज़ को एक निश्चित नियम/गुणवत्ता के अनुसार बनाते हैं, तो वह मानकीकरण कहलाता है।
 मानक और मानकीकरण में अंतर

मानकमानकीकरण
यह नियम/माप है                                 यह उस नियम को लागू करने की प्रक्रिया है


तय सीमा/गुणवत्ता बताता है                         उस गुणवत्ता को सुनिश्चित करता है

उदाहरण से समझिए

  • मानक: ITI में NCVT/SCVT का सिलेबस

  • मानकीकरण: उसी सिलेबस के अनुसार पढ़ाई, परीक्षा और प्रमाण-पत्र देना

भारतीय मानक ब्यूरो(BIS):- यह भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय है, जो विभिन्न वस्तुओं जैसे इलेक्ट्रिकल उपकरण खाद्य पदार्थ और निर्माण सामग्री आदि के लिए मानक स्थापित करता है। इसकी स्थापना 1986 में हुई थी 

BIS उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है कि वह स्थापित मानकों के अनुरूप है या नहीं।

BIS यह बताता है कि किसी उत्पाद पर ISI मार्क लगाना है या नहीं। अतः जिन उत्पादों पर ISI मार्क लगा हुआ होगा वे उत्पाद BIS के मानक के अनुरूप होंगे


 



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